Skip to main content
पुरू कुमार रॉय (Puroo Kumar Roy)
पुरू कुमार रॉय (Puroo Kumar Roy), जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में बेघर भिखारी (2017 - अभी तक)

Comments

Popular posts from this blog

अगला आइंस्टीन कौन होगा?

यह एक अच्छा प्रश्न है। शायद प्रश्नकर्ता जानना चाहता है कि भविष्य में कौन सा वैज्ञानिक आइंस्टीन जैसी छाप छोड़ेगा। वैसे मुझे अभी फिलहाल तो नही लगता कोई भी वैज्ञानिक उनके जैसी थ्योरी सिद्ध कर पायेगा। लेकिन कुछ भौतिक वैज्ञानिक है जो काफी प्रभावशाली है। इस प्रश्न के जवाब में सबका अपना मत हो सकता है जैसे कि मिचिओ काकू ( Michio_Kaku ) जो अभी स्ट्रिंग थ्योरी पर काम कर रहे है या एडवर्ड वीटेन ( Edward_Witten  ) जिनकी रैसर्च स्टीफ़ेन हाकिंग के बराबर है। लेकिन फिर भी मेरा वोट होगा-  Sabrina Gonzalez Pasterski [1] इनकी शक्ल पर न जाये, ये मॉडलिंग नही करती। केवल भौतिकी पढ़ती है। ये वो है जिनकी तारीफ स्टीफ़ेन हाकिंग नही करते थकते थे। पिछले कुछ सालों में भौतिकी की दुनिया में तूफान लायी है। इनकी उम्र अभी सिर्फ 24 वर्ष है। सिर्फ 21 वर्ष की उम्र में इन्होंने अपनी भौतिकी में मास्टर डिग्री MIT में टॉप करके की और फिलहाल हावर्ड विश्विद्यालय में हाई लेवल एनर्जी में पीएचडी कर रही है। इसके अलावा ये वो है - जिनका ब्लैक होल पर लिखा रैसर्च पेपर वैज्ञानिक स्टीफ़...
अधिकतर छाते (umbrella) काले रंग के क्यों होते है अधिकतर छाते काले रंग के इसलिए होते हैं क्योंकि बारिश के समय काले रंगों के छाते जल्दी सूख जाते हैं । इसका कारण है - काले कपड़े अन्य रंगों के कपड़ों की तुलना में ज्यादा गर्मी को अवशोषित करते हैं इसलिए इनमें वाष्पीकरण की प्रक्रिया तेज होती है । दूसरा कारण यह है कि अन्य कपड़ों की तुलना में काले कपड़े सूर्य से उत्सर्जित परा बैगनी किरणों को सबसे ज्यादा अवरुद्ध करते हैं लगभग 90% तक। तीसरा कारण यह भी हो सकता है कि अंग्रेज काले कपड़े को अपने पहनावे में अत्यधिक महत्व देते थे । और फैशन परस्त होने के कारण काले छाते उनके पहनावे से मिलते - जुलते थे । इसलिए काले छाते का प्रयोग उनके फैशन का हिस्सा होगा ।वहीं से काले छाते का चलन बढ़ा होगा जो आज तक दिख रहा है