Skip to main content

वो क्या है जो भारत को दुनिया के बाकी हिस्सों से एक अलग देश बनाता है?

हम भारतीय बोलने में ज्यादा विश्वास रखते है और काम करने में कम। हमारे पास किसी इतना फ़ालतू समय होता है की अगर कही गड्ढा भी खुद रहा होता है तो हम घंटों तक उसे देखते रहेंगे पर अगर कहीं कोई काम पड़ जाए तो काम चोर हो जाते है। दूसरों पर बैठे बैठे टिप्पणिया करना पसंद है हमें। हम किसी कोई भी मुफ्त में सलाह देना पसंद करते है, पर ये नहीं चाहते के कोई हमें सलाह दे। टीवी पर बैठे जब कोई छेड़छाड़ की खबर सुनते है तो गुस्सा हो जाते है पर जब सामने ऐसी घटना होती है तो हम चुप हो कर बैठ जाते है।
पर अच्छी बातें भी है हमारे हिन्दुस्तान में बच्चे आज माता पिता के साथ रहना पसंद करते है। जो विदेशो में जल्दी देखने को नहीं मिलता, दूसरों की मदद करने को तैयार भी रहते है।

Comments

Popular posts from this blog

अगला आइंस्टीन कौन होगा?

यह एक अच्छा प्रश्न है। शायद प्रश्नकर्ता जानना चाहता है कि भविष्य में कौन सा वैज्ञानिक आइंस्टीन जैसी छाप छोड़ेगा। वैसे मुझे अभी फिलहाल तो नही लगता कोई भी वैज्ञानिक उनके जैसी थ्योरी सिद्ध कर पायेगा। लेकिन कुछ भौतिक वैज्ञानिक है जो काफी प्रभावशाली है। इस प्रश्न के जवाब में सबका अपना मत हो सकता है जैसे कि मिचिओ काकू ( Michio_Kaku ) जो अभी स्ट्रिंग थ्योरी पर काम कर रहे है या एडवर्ड वीटेन ( Edward_Witten  ) जिनकी रैसर्च स्टीफ़ेन हाकिंग के बराबर है। लेकिन फिर भी मेरा वोट होगा-  Sabrina Gonzalez Pasterski [1] इनकी शक्ल पर न जाये, ये मॉडलिंग नही करती। केवल भौतिकी पढ़ती है। ये वो है जिनकी तारीफ स्टीफ़ेन हाकिंग नही करते थकते थे। पिछले कुछ सालों में भौतिकी की दुनिया में तूफान लायी है। इनकी उम्र अभी सिर्फ 24 वर्ष है। सिर्फ 21 वर्ष की उम्र में इन्होंने अपनी भौतिकी में मास्टर डिग्री MIT में टॉप करके की और फिलहाल हावर्ड विश्विद्यालय में हाई लेवल एनर्जी में पीएचडी कर रही है। इसके अलावा ये वो है - जिनका ब्लैक होल पर लिखा रैसर्च पेपर वैज्ञानिक स्टीफ़...
किस तरह से रूस सारी दुनिया से अलग है? पुरू कुमार रॉय (Puroo Kumar Roy) , जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में बेघर भिखारी (2017 - अभी तक) 9 सितंबर को अपडेट किया गया रूस अपनी काफी सारी अजीब, अनोखी और दिलचस्प बातों के लिए दुनिया से अलग है। मैं धीरे धीरे इंटेंसिटी बढ़ाता जाऊंगा। रूस में 2011 से पहले बियर को अल्कोहल नहीं माना जाता था, और उन पर कहीं पर भी पाबंदी नहीं लगती थी। यहां तक कि बच्चे भी बियर पी सकते थे। रूस के अमीर नागरिक अक्सर इधर उधर जाने के लिए नकली एंबुलेंस मंगवा लेते हैं ताकि जल्दी पहुंच सके। रूस के सेंट पीटर्सबर्ग शहर में स्टेट आर्ट म्यूजियम नाम का एक एग्जीबिशन वाला म्यूजियम है जिसकी रखवाली इंसान नहीं बल्कि बिल्लियां करती हैं। रूस में कुल मिलाकर 65 अनुसूचित भाषाएं हैं (जैसे भारत में 18 हैं)।   लेकिन रूसी वहां की राष्ट्रीय भाषा है।
अधिकतर छाते (umbrella) काले रंग के क्यों होते है अधिकतर छाते काले रंग के इसलिए होते हैं क्योंकि बारिश के समय काले रंगों के छाते जल्दी सूख जाते हैं । इसका कारण है - काले कपड़े अन्य रंगों के कपड़ों की तुलना में ज्यादा गर्मी को अवशोषित करते हैं इसलिए इनमें वाष्पीकरण की प्रक्रिया तेज होती है । दूसरा कारण यह है कि अन्य कपड़ों की तुलना में काले कपड़े सूर्य से उत्सर्जित परा बैगनी किरणों को सबसे ज्यादा अवरुद्ध करते हैं लगभग 90% तक। तीसरा कारण यह भी हो सकता है कि अंग्रेज काले कपड़े को अपने पहनावे में अत्यधिक महत्व देते थे । और फैशन परस्त होने के कारण काले छाते उनके पहनावे से मिलते - जुलते थे । इसलिए काले छाते का प्रयोग उनके फैशन का हिस्सा होगा ।वहीं से काले छाते का चलन बढ़ा होगा जो आज तक दिख रहा है