हम भारतीय बोलने में ज्यादा विश्वास रखते है और काम करने में कम। हमारे पास किसी इतना फ़ालतू समय होता है की अगर कही गड्ढा भी खुद रहा होता है तो हम घंटों तक उसे देखते रहेंगे पर अगर कहीं कोई काम पड़ जाए तो काम चोर हो जाते है। दूसरों पर बैठे बैठे टिप्पणिया करना पसंद है हमें। हम किसी कोई भी मुफ्त में सलाह देना पसंद करते है, पर ये नहीं चाहते के कोई हमें सलाह दे। टीवी पर बैठे जब कोई छेड़छाड़ की खबर सुनते है तो गुस्सा हो जाते है पर जब सामने ऐसी घटना होती है तो हम चुप हो कर बैठ जाते है।
पर अच्छी बातें भी है हमारे हिन्दुस्तान में बच्चे आज माता पिता के साथ रहना पसंद करते है। जो विदेशो में जल्दी देखने को नहीं मिलता, दूसरों की मदद करने को तैयार भी रहते है।
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